यूपी के अगले सीएम को लेकर हो गया फैसला, जानिए किसको मिला यूपी का ताज

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उत्तर प्रदेश में बीजेपी की रिकॉर्ड जीत के बाद इस बात पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है कि प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन होगा? मीडिया से लेकर सोशल साइट्स तक लोग अलग-अलग नामों पर बात कर रहे थे। बता दें कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसको लेकर पार्टी आलाकमान की तलाश पूरी हो चुकी है। इस बीच बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने अनौपचारिक तौर पर एक नाम को इस रेस से बाहर कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी आज शाम सूबे के नए सीएम का ऐलान कर दिया!

योगी आदित्यनाथ को यूपी का नया मुख्यमंत्री का ताज मिल गया हैं। केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा को डिप्टी सीएम बनाया गया है। मीडिया से बातचीत के दौरान यूपी सीएम के सवाल पर अमित शाह ने कहा कि, मैंने मुख्यमंत्री का चुनाव करने की जिम्मेदारी केशव प्रसाद मौर्य को दे दी थी। इसके बाद से यह अटकलें लगाई जाने लगी कि मौर्य मुख्यमंत्री की रेस से अनौपचारिक रूप से बाहर हो गए हैं।

ताते चलें कि केशव प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश चुनाव में बीजेपी के लिए गैर यादव ओबीसी का चेहरा थे। हालांकि, मुख्यमंत्री के नाम की चर्चा के बीच मौर्य की तबीयत खराब हो गई और उन्हें दिल्ली के राम मनोहर लोहिया में भर्ती होना पड़ा।

ऐसे आए राजनीति में
महंत अवैद्यनाथ ने 1998 में राजनीति से संन्यास लिया और योगी आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। यहीं से योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक पारी शुरू हुई है। 1998 में गोरखपुर से 12वीं लोकसभा का चुनाव जीतकर योगी आदित्यनाथ संसद पहुंचे तो वह सबसे कम उम्र के सांसद थे, वो 26 साल की उम्र में पहली बार सांसद बने। 1998 से लगातार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। योगी यूपी बीजेपी के बड़े चेहरे माने जाते है। 2014 में पांचवी बार योगी सांसद बने।

2014 में तीन लाख से भी अधिक सीटों से चुनाव जीते थे। उन्होंने 2009 में दो लाख से भी अधिक वोटों से जीत हासिल की थी। योगी आदित्यनाथ की पूर्वांचल की 60 से अधिक सीटों पर पकड़ मानी जाती है। साल 2014 के लोक सभा चुनाव में जब नरेंद्र मोदी वाराणसी से लोकसभा का चुनाव लड़ने उतरे थे। उसी समय से संकेत मिल गया था कि बीजेपी पूर्वांचल पर पूरा फोकस रखकर यूपी की जंग जीतेगी।