ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते समय रहें सावधान: आपके साथ भी हो सकता है “फ्रॉड”

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आज के समय एटीएम के बाहर लंबी लाइने आम हो चुकी हैं. आप एटीएम से सिर्फ 2000 रुपये निकाले जा सकते हैं. जिसके लिए लोगों को कई घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है. लेकिन ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए खरीदारी करना आसान है. लेकिन ऐसा करते समय अगर आप से थोड़ी सी भी चूक हो जाए तो आपको भारी नुकसान हो सकता है. पहले ही ऐसे कई मामले सामने आते रहते हैं. लेकिन नोटबंदी होने के बाद से ऐसे मामलों में बढोत्तरी हो सकती है क्योंकि ज्यादातर लोग क्रेडिट, डेबिट कार्ड और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर रहे हैं. ऐसे सैकड़ों मामले पहले से ही साइबर क्राइम सेल में पेंडिग पड़े हैं. इसलिए अब इस आने वाले खतरे के लिये साइबर सेल ने भी अपनी कमर कस ली है. दिल्ली के साइबर क्राइम के ऑफिसर “ताज हसन” ने बताया कि जल्द ही 590 साइबर कॉप अलग-अलग थानों में साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए तैनात किए गये है! साइबर क्राइम टीम मुताबिक पुलिस बैंको से भी सम्पर्क में है. इस खतरे से निपटने के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं. पुलिस ने आम जनता से अपील करते हुए कुछ खास चीजो ध्यान देने के लिए कहा है. पुलिस के मुताबिक क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें. उन्होंने बताया कि अपने क्रेडिट और डेबिट कार्ड का पिन नंबर कभी किसी को न बताएं. सामान खरीदते समये भी पिन नंबर छिपाकर डॉयल करें और रसीद लेकर ही निकलें. ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते समय अपने डेबिट और क्रेडिट कार्ड की जानकारी गुप्त रखें. अपना कार्ड कभी किसी को न दें. अगर कभी कोई बैंक का कर्मचारी बनकर अगर आपको फोन करे और आपके अकाउंट से संबंधित जानकारियां मांगे तो ऐसी जानकारी कभी भी किसी के साथ शेयर न करें. इसलिए सावधानी बरतने की जरुरत है. ताकि साइबर क्राइम को रोका जा सके!