ट्रंप ने सात देशों के मुस्लिमो को अमेरिका में एंट्री करने पर लगाया बैन…

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक ऐसे शासकीय आदेश पर दस्तखत किए है जिसमें सात मुस्लिम देशों के शरणार्थियों को आने से रोकने व इस्लामी आंतकियों को अमेरिका से बाहर रखने के लिए सघन जांच के नए नियम तय करता है।

सात देश : इस आदेश में पिछले छह सालों से गृह युद्ध से प्रभावित सीरिया के अलावा 6 और मुस्लिम देशों के नागरिकों का अमेरिका में प्रवेश वर्जित किया गया है। सीरिया के अलावा ईराक, ईरान, सूडान, लीबिया, सोमालिया व यमन देशों अमेरिका में प्रवेश वर्जित किया गया है।

मैं नही चाहता वह अमेरिका में प्रवेश करें: ट्रंप

इस आदेश में आगे निर्देश दिए गए है कि आने वाले चार महीनों तक देश में रिफ्यूजियों का प्रवेश भी वर्जित रहेगा। आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि च्रैडिकल इस्लाम से जुड़े आंतकियों को बाहर रखने के लिए मैंने यह कदम उठाए हैं। मैं नहीं चाहता वे अमेरिका में प्रवेश करेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हम उन खतरों को अपने देश में न आने दें, जिनसे हमारे सैनिक विदेशों में लड़ रहे हैं। हम सिर्फ उन्हीं को अपने देश में आने देना चाहते हैं, जो हमारे देश को सहयोग देंगे और हमारी जनता से गहरा प्रेम करेंगे।ज् उन्होंने कहा कि च्हम 9/11 के सबक को और पेंटागन में शहीद हुए नायकों को कभी नहीं भूलेंगे। वह हममें से सर्वश्रेष्ठ थे। हम उनका सम्मान सिर्फ शब्दों से ही नहीं, बल्कि हमारे कार्यों से भी करेंगे। आज हम वही कर रहे हैं।

शासकीय आदेश विदेश आंतकी के अमेरिका में प्रवेश से देश की सुरक्षा कहता है कि 9/11 के बाद अमेरिक ने जो कदम उठाए, वह आंतकियों का देश में प्रवेश रोकने में कारगर नहीं रहे हैं। इसमें कहा कि विदेशों में जन्में बहुत से लोगों को 11 सिंतबर 2001 के बाद आंतकवाद संबंधी गतिविधियों में या तो दोषी करार दिया गया है या आरोपी बनाया गया है।
इनमें वह विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जो अमेरिका में पर्यटक, छात्र या रोजगार वीजा लेकर आए थे या फिर अमेरिका में शरणार्थी पुनर्वास कार्यक्रम के तहत यहा आए थे। इसमें कहा गया कि कई देशों में युद्ध, भुखमरी, आपदा व असैन्य अंशाति के बिगड़ती स्थिति के कारण यह आंशका बढ़ गई है कि आंतकी अमेरिका में दाखिल होने के लिए कोई भी माध्यम अपनाएंगे। इसमें कहा गया है कि वीजा जारी करते समय अमेरिका को सर्तक रहना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जिन्हें मंजूरी दी जा रही है उनका इरादा अमेकिरयों को नुकसान पहुंचाने का नहीं हो और उनका संबध आंतकवाद से ना हो।

यह आदेश अमेरिकी शरणार्थी प्रवेश कार्यक्रम का 120 दिन के लिए तब तक निलंबित करता है जब तक इसे सिर्फ उन देशों के नागरिकों के लिए पुनर्भाषित न कर दिया जाए जिनकी ट्रंप के कैबिनेट के सदस्यों के अनुसार उनकी पूरी जांच की जा सकती है। यह आदेश ईराक, ईरान, सीरिया, सूडान, लीबिया, सोमालिया व यमन के सभी नागरिकों को 30 दिन तक अमेरिका में दाखिल होने से रोकता है।