गठिया या संधिबात का बहुत ही सरल आयुर्वेदिक उपचार इसे एक बार जरूर पढ़ें

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दोस्तों आज हम आपको गठिया या संधिबात के बारे में कुछ बताने जा रहे है! यह बीमारी आज के टाइम में हर दुसरे इंसान को देखने को मिल रही है! इस बीमारी से आज हर कोई परेशान है! और डॉक्टर के पास इसका पूर्ण इलाज नही है!  लेकिन आज हम आपके लिए इसी बीमारी का अयुर्वदिक उपचार ले कर आये है!

गठिया या संधिबात की यह सबसे अच्छी दवा है! मेथी, हल्दी और सुखा हुआ अदरक माने सोंठ! इन तीनो को बराबर मात्रा में पिस कर, इनका पावडर बना कर एक चम्मच लेना है! गरम पानी के साथ सुभाह खाली पेट तो इससे घुटनों का दर्द ठीक होता है! कमर का दर्द ठीक होता है, डेढ़ से दो महीना ले सकते हैं!

और एक अच्छी दवा है! एक पेड़ होता है उसे हिंदी में हरसिंगार कहते है! संस्कृत पे पारिजात कहते है! बंगला में शिउली कहते है! उस पेड़ पर छोटे छोटे सफ़ेद फूल आते है! और फुल की डंडी नारंगी रंग की होती है! और उसमे खुशबु बहुत आती है! रात को फूल खिलते है! और सुबह जमीन में गिर जाते है! इस पेड़ के पांच पत्ते तोड़ के पत्थर में पिस के चटनी बनाइये!

और एक ग्लास पानी में इतना गरम करो के पानी आधा हो जाये! फिर इसको ठंडा करके रोज सुबह खाली पेट पियो तो बीस साल पुराना गठिया का दर्द इससे भी ठीक हो जाता है! और ये ही पत्ते को पिस के गरम पानी में डाल के पियो तो बुखार ठीक कर देता है! और जो बुखार किसी दावा से ठीक नही होता वो इससे ठीक होता है! जैसे चिकनगुनिया का बुखार, डेंगू फीवर, Encephalitis , ब्रेन मलेरिया, ये सभी ठीक होते है!

बुखार की और एक अच्छी दवा है! अपने घर में तुलसी पत्ता:- दस-पंद्रहा तुलसी पत्ता तोड़ो तीन चार काली मिर्च ले लो ! पत्थर में पिस के एक ग्लास गरम पानी में मिला के पी लो! इससे भी बुखार ठीक होता है!

बुखार की एक और दावा है नीम की गिलोय, अमृता भी कहते है! उडूनची भी कहते है! इसको थोडासा चाकू से काट लो पत्थर में कुचल के पानी में उबाल लो फिर वो पानी पी लेना तो! ख़राब से ख़राब बुखार ठीक हो जाता है! तिन दिन में कभी-कभी बुखार जब बहुत जादा हो जाते है! तब खून में सेत रक्त कनिकाएं प्लेटलेट्स बहुत कम हो जाते है! तब उसमे सबसे जादा गिलोय काम आती है!