लगता है अब हिंदू धर्म में जूतामार आंदोलन का समय आ चुका है !!

554

जिस तरह देश के भ्रष्ट नेताओं ने जिस समर्पण के साथ महात्मा गांधी की खादी को कलंकित किया है! उसी निर्लज्ज और निःसंकोच समर्पण के साथ कुछ फर्जी बाबाओ ने आज कल हिंदू धर्म और इसकी पवित्र परंपराओं को कलंकित करने में कोई कसर नही छोड़ी हैं! ये फर्जी बाबा गेरुआ वस्त्र ही नहीं बल्कि दिन प्रतिदिन पूरे हिंदू धर्म को मैला करने की कोशिश कर रहे हैं! जैसे बहुरुपिया ठगनी राधे मां से लेकर चोरकट छिछोरे ओम बाबा, निर्मल बाबा! और चैनलों पर प्रवचन का धंधा चमकाने वाले तमाम बाबाओं के लिए जूतामार आंदोलन चलाने का समय आ गया है! लगता है अब इन गिरहकटों को दौड़ा-दौड़ा कर जूतों से मरम्मत करने में कोई हर्ज नहीं है!

मेरे ख्याल से ऐसा करने पर कोई पाप नहीं बल्कि पुण्य ही मिलेगा! हो सकता है कि पहले आपने कोई पाप किए हों तो इन चोरकट बाबाओं की जूते से पिटाई करके आपके वो पाप कुछ धुल जाएं! जैसे आप देख रहे है की हर रोज किसी न किसी बाबा का काला चिट्टा सामने आ रहा है! जो अपने आप को भगवान का अवतार बताते थे! लेकिन जब उसकी हकीकत समे आती है! तो जुते मारने का दिल करता है! अब हिंदू धर्म को फिलहाल इसी सर्जिकल स्ट्राइक की जरुरत है! नहीं तो स्वामी विवेकानन्द, रामकृष्ण परमहंस, महर्षि रमण जैसी पुण्यात्माओं का यह गौरवशाली धर्म हास्यास्पद बनकर रह जाएगा!

एक बात समझ नही आती लोग इतना पढे लिखे होने के बाद भी इन ढोंगी बाबा के चक्कर में कैसे आ जाते है! और बाबा के नाम पर इन गेरुआधारी चोरों की जमात आखिर अचानक क्यों बढ़ती जा रही है! यह सवाल हर किसी के दिमाग में आता है! कि आखिर क्या कारण है कि बीते 8-10 साल में ऐसे पाखंडियों का धंधा कुछ ज्यादा ही फलने-फूलने लगा है!धर्म के नाम पर ठगी करने वाले पहले भी थे! लेकिन जैसा अब है वैसा पहले कभी नहीं था! दरअसल इस सारे धंधे के पीछे न्यूज चैनलों का हाथ है! राधे मां हो या निर्मल बाबा या फिर स्वामी ओम नाम का नया-नवेला ठग!

इन सभी को लोगों ने पहली बार टीवी चैनलों पर देखकर ही जाना! इनकी दुकानें यूं तो पहले से ही चल रही थीं! लेकिन टीवी पर आने के बाद इनके धंधों को चार चांद लग गए! हमारा मानना है अगर ऐसे में हर हिंदू इन ठगों की सेवा जूतों से करना शुरू कर दे! तो यह आज के दौर में अपने धर्म की सबसे बड़ी सेवा होगी!