अचानक हार्ट अटैक आने पर तुरंत करें ये काम , बचा सकतें हैं जान

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दोस्तों यह बात तो आप सभी जानते ही है की हार्ट अटैक की बीमारी आजकल एक आम समस्या बनती जा रही है! और हमारे भारत में तो यह बिल्कुल कॉमन हो गया है! ज़्यादातर नौजवान लोगों में हार्ट अटैक आने की काफी मामले सामने आ रहे हैं! हेल्थ टिप्स इन हिंदी ब्लॉग में आज हम आपको बता रहे हैं! कि अगर किसी को हार्ट अटैक आ जाए तो हार्ट अटैक आने के 5 मिनट के अंदर आप यह काम करें! और इन सावधानियों का ख्याल रखें! जिससे मरीज की जान तुरंत बचाई जा सके!

हार्ट अटैक आने पर क्या करें ?

दोस्तों हार्ट अटैक एक ऐसी बीमारी है! जो कभी भी अचानक किसी को भी इसका दौरा पड़ सकता है! अगर आपके सामने किसी को हार्ट अटैक आ जाए! तो आप तुरंत यहां दिए गए उपायों को अपनाएं जिससे पेशेंट की जान बचाने में आसानी हो! हार्ट अटैक में जितनी जल्दी पेशंट को मेडिकल फैसिलिटी मिल जाए उतना अच्छा होता है! क्योंकि हार्टअटैक एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है! और इसमें बहुत कम समय मिलता है! जिसमें आप रोगी की जान बचा सके!

मित्रो पेशेंट को लंबी सांस लेने को कहें! और उसके आसपास से हवा आने की जगह छोड़ दें! ताकि उन्हें पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिल सके! कई बार ऐसा देखा गया है! की घर में या कहीं किसी को अटैक आया! और लोग उसको बुरी तरह से चारों तरफ घेर लेते हैं! तो इस बात का विशेष ध्यान रखें के रोगी को ऑक्सीजन लेने के लिए पर्याप्त खुली जगह होना चाहिए!

अटैक आने पर पेशेंट को उल्टी आने जैसी फीलिंग होती है! ऐसे में उसे एक तरफ मुड़ कर उल्टी करने को कहें! ताकि उल्टी लंग्स में न भरने पाए और इन्हें कोई नुकसान ना हो! पेशेंट की गर्दन के साइड में हाथ रखकर उसका पल्स रेट चेक करें! यदि पल्स रेट 60 या 70 से भी कम हो तो समझ लें कि ब्लड प्रेशर बहुत तेजी से गिर रहा है! और पेशेंट की हालत बहुत सीरियस है!

पल्स रेट कम होने पर हार्ट पेशेंट को आप इस तरह से लिटा दें! उसका सर नीचे रहे और पैर थोड़ा ऊपर की और उठे हुए हों! इससे पैरों के ब्लड की सप्लाई हार्ट की और होगी जिससे ब्लड प्रेशर में राहत मिलेगी! इस दौरान पेशेंट को कुछ खिलाने पिलाने की गलती ना करें! इससे उसकी स्थिति और भी बिगड़ सकती है! एस्प्रिन ब्लड क्लॉट रोकती है! इसलिए हार्ट अटैक के पेशेंट को तुरंत एस्प्रिन या डिस्प्रिन खिलानी चाहिए! लेकिन कई बार इनसे हालात और भी ज्यादा बिगड़ जाते हैं! इसलिए एस्प्रिन या डिस्प्रिन देने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेना चाहिए!

पल्स रेट बहुत ज्यादा कम हो जाने पर पेशेंट के चेस्ट पर हथेली से दबाब देने से थोड़ी राहत जरूर मिलती है! लेकिन गलत तरीके से हार्ट को प्रेस करने में प्रॉब्लम और भी बढ़ सकती है! इसलिए इसके लिए विशेष अभ्यास की जरूरत होती है! अगर चाहें तो आप इंटरनेट पर CTR का सही तरीका देख कर भी आप इसको कर सकते हैं! पेशेंट को गाड़ी में बिठाने की बजाए सीधा लिटा है! इससे उसका ब्लड सर्कुलेशन सही रखने में मदद मिलेगी!