कुमार विश्वास हों सकते है दिल्ली के अगले मुख्यमंत्री , केजरीवाल का काम तमाम

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माना जा रहा है केजरीवाल ने कुमार विश्वास से किया विश्वासघात, पूरी आम आदमी पार्टी में सबसे काबिल, बुद्धिजीवी और प्रखर वक्ता कुमार विश्वास को केजरीवाल ने जिस तरह हाशिये पे डाल दिया, उससे कुमार विश्वास आहत तो थे ,पर कभी सार्वजनिक तौर पे कुछ बोलते नहीं थे, सबसे पहले केजरीवाल ने कुमार विश्वास को राहुल गाँधी के सामने चुनाव में उतर दिया,

क्यूंकि केजरीवाल को मालूम था कुमार विश्वास तिकोणीय मुकाबले में राहुल गाँधी को नहीं हरा पाएंगे. कुमार विश्वास भोलेपन में केजरीवाल के आदेशों को बड़े भाई की इज़्ज़त का वास्ता दे , के अपना दायित्व निभाते रहे, परन्तु जब केजरीवाल ने पूरी पार्टी को हाईजैक कर लिया, किसी भी बड़ी गंभीर समयसा पर, देशहित के मुद्दों को कुमार विश्वास की अनदेखी की जाने लगी, जबकि कुमार विश्वास पार्टी के सबसे पुराने और असली संस्थापकों में से थे, कुमार विश्वास को केजरीवाल ने दिल्ली में पूर्ण बहुमत आने के बाद राज्य सभा से मनोनीत करने पर भी टालमटोल शुरू कर दी,

और इस मुद्दे को कभी सार्वजनिक नहीं किया, और लगभग कुमार विश्वास की राजनैतिक हस्ती को पार्टी में नकार डाला. और तो और, जाती कर गंदी धर्म की राजनीती पे कुमार विश्वास ने ऐतराज उठाया था, पर केजरीवाल ने उनको हाशिये पे डाल दिया और एक न सुनी. अंततः हर के कुमार विश्वास को AAP में केजरीवाल के क्रियाकलापों का हवाला दे विरोध करना पड़ा. अब सारा मामला खुल गया है, ४० विधायक दिल्ली में कुमार विश्वास के समर्थन में पूरे तैयार बैठे हैं, केजरीवाल की गन्दी राजनीती का अंत निश्चित है!

जल्द हम कुमार विश्वास को दिल्ली ने नए मुख्यमंत्री के रूप में देख सकते हैं!