लकवा का अटैक आते ही इन उपायों को अपनाने से बच सकते हैं आप इस खतरनाक बीमारी से !!

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क्या आप जानते है की पैरालिसिस जिसे हम लकवा भी कहते हैं. इस बीमारी में शरीर की शक्ति कम हो जाती है. मरीज के लिए घूमना-फिराना मुश्किल हो जाता है. लकवा तब होता है. जब अचानक दिमाग में ब्लड पहुचना बंद हो जाता हैं. या फिर दिमाग की कोई वेन्स की नली फट जाती है. और मस्तिष्क की कोशिकओं के आस पास की जगह पर खून जम जाता है. किसी को भी ये बीमारी हो सकती है. यह आधे चेहरे पर ही अपना असर दिखाती है. लेकिन तुरंत इलाज के द्वारा इस बीमारी से बचा जा सकता हैं!

लकवे से बचाव के उपाए:-
आपको बताना चाहते है. की लकवे का अटैक पड़ते ही यदि. उसी समय तुरंत तिल का तेल 50 से 100 ग्राम की मात्रा में थोड़ा-सा गर्म करके मरीज को पिला दे. साथ में लहसुन भी चबा चबा कर खाने को बोले. अटैक आते ही लकवे से प्रभावित अंग एवं सिर पर सेंक भी करना शुरू कर दें व आठ दिन बाद मालिश करें. लकवे में ज्यादा से ज्यादा उपवास करना चाहिए. उपवास में पानी में शहद मिलाकर लेते रहे !

दोस्तों लकवे के रोगी को प्रतिदिन दूध में भिगोकर छुहारा खाने से लकवे के रोग में बहुत लाभ प्राप्त होता है.लेकिन एक बार में 4 से अधिक छुहारे नहीं खाने चाहिए. और 60 ग्राम काली मिर्च लेकर इसे 250 ग्राम तेल मे मिलाकर कुछ देर तक पकायें. फिर इस तेल का लकवे से प्रभावित अंग पर पतला-पतला लेप करने से लकवा दूर होता है. इस तेल को उसी समय बनाकर गुनगुना लगाया जाता है. इसका एक माह तक नियमित रूप से उपयोग करने पर आशातीत सफलता मिलती है!

साथ ही हरे लहसुन की पत्तियों सहित पूरी डाली का रस निकालकर. उसे पानी में मिलाकर पिलाने से बी.पी. के बढ़ने के कारण हुए लकवे में लाभ होता है. लकवा रोगी का ब्लड प्रेशर नियमित जांचते रहें. अगर रोगी के खून में कोलेस्ट्रोल का लेविल ज्यादा हो तो ईलाज करना वाहिये. रोगी तमाम नशीली चीजों से परहेज करे. भोजन में तेल,घी,मांस,मछली का उपयोग न करे.

नोट:- इस आर्टिकल में दी गई जानकारियां रिसर्च पर आधारित हैं. इन्‍हें लेकर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूरी तरह सत्‍य और सटीक हैं. इन्‍हें आजमाने और अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें!