इस विडियो देखने के बाद Maggi खाना छोड़ देंगे आप !!

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आजकल जैसे फ़ास्ट फ़ूड का इस्तेमाल खाने में ज्यदा होने लगा है! वैसे ही फ़ास्ट फ़ूड में Maggi नूडल्स को भी काफी प्रयोग किया जाता है! maggi खाने का एक कारण और भी है! यह बहुत जल्दी बन कर तेयार हो जाती है! इसलिए अक्सर लोग इसे खाना पसंद करते हैं! क्योंकि समय की कमी के कारण झटपट तैयार की और अपना पेट भर लिया! maggi का प्रयोग होटल और tourist places पर अधिक किया जाता है!

मैगी बनाने के लिए एक तरह का फ्लेवर यूज किया जाता है! जिसको “फ्लेवर इन्हैंसर” के नाम से जाना जाता है! और नेस्ले कंपनी का मैगी उत्पाद जो अपने पैकेट पर दर्शाता है! कि यह पूरी तरह शाकाहारी है और इसके पैकेट पर आपको ग्रीन कलर का 100% शाकाहारी उत्पाद होने का लोगों बना हुआ दिखाई देता है!

वास्तव में नेस्ले कंपनी भारत के लोगों के साथ बहुत बड़ा धोखा कर रही है! आपकी जानकारी के लिए बता दें की “फ्लेवर इन्हैंसर” को एक कोड दिया गया है! जिसे E635 आप google में भी सर्च कर सकते हैं! जब आप इंटरनेट पर इसके बारे में जानकारी लेंगे तो आपको पता चलेगा कि वास्तव में यह E635 कोड जिसको इस रसायन का नाम दिया गया है! वह मांस या फिर मछली से प्राप्त किया जाता है! और यह शाकाहारी लोगों के लिए तो बिलकुल भी खाने लायक नहीं होता!

इसके अलावा इस रसायन के काफी दुष्प्रभाव जैसे कि अस्थमा गठिया रोग हो जाना और आपके मस्तिष्क पर भी दुष प्रभाव डालता है! कुल मिलाकर यह एक तरह का धीमा जहर है! जो मानव जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकता है!लेकिन दोस्तों क्या आप जानते हैं! आपकी जो 2 मिनट में बनने वाली आपकी मैगी कैसे बनती है? शायद नहीं आपको इस वीडियो को देखने के बाद पता चलेगा कि मैगी कैसे बनाई जाती हैं और इसमें होता क्या है!

इस तरह की और भी विदेशी कंपनियां भारत के लोगों की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है और सरकार इन पर लगाम लगाने की वजह ने खुली छूट दे रखी हुई है क्योंकि हम यह कंपनियां भारी-भरकम व्यापार करती हैं जिससे सरकार के खाते में टैक्स और अन्य तरह से आय होती है.

यदि आपको जल्दी बनने वाला कोई नाश्ता बनाना है! तो मैगी नूडल्स की जगह पर आप पोहा सूजी का हलवा दलिया वगैरह बना सकते हैं! इनको बनाने में ज्यादा टाइम भी नहीं लगता है! और यह नूडल्स की अपेक्षा काफी पोष्टिक भी होते हैं! आपको अपनी और अपने बच्चों की सेहत की अगर थोड़ी सी भी परवाह है! तो अब से आप इस बात का जरूर ध्यान रखेंगे कि हमें सिर्फ हमारे भारतीय खाने पर ही ध्यान देना है! TV पर विज्ञापन देकर अपने बच्चों को धीमा जहर ना खिलाए!

मैगी मांसाहारी उत्पाद है तो उस पर हरा निशान ही क्यों बना है ? लाल क्यों नहीं ?

यह बात सच है! जब खाने पीने की चीजो को लेकर कानून बना! और 1993 में जब यह कानून आया तो इसमें शाकाहारी और मांसाहारी होने की परिभाषा को तय किया गया! और उस के अनुसार पशु पक्षियों के पंख नाखून बाल लाल छवि और अंडे की जर्दी जैसे बने पदार्थ को भी शाकाहार की श्रेणी में रखा गया! इसलिए यह कंपनियां हरे निशान को लगाकर लोगों को धोखा दे रही हैं.

देखें यह विडियो:-