सर्विस चार्ज को लेकर सरकार का बड़ा एलान! अब खाने-पीने पर लगने वाला सर्विस चार्ज देना है या नहीं ये आप तय करेंगे

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खबर: अगर आपको होटल जाना पसंद है तो यह आपके लिए फायदे की खबर है. सरकार ने एलान किया है कि खाने-पीने पर लगने वाला सर्विस चार्ज देना है या नहीं ये आप तय करेंगे. रेस्टोरेंट मालिक सर्विस चार्ज लेने के लिए आपको मजबूर नहीं कर सकते. लेकिन कुछ लोगो को यह फैसला सरकार की तरफ से अधुरा स लग रहा है,सरकार के अधूरे फैसले से होटल और ग्राहकों के बीच झगड़े की आशंका बढ़ गई है.अगर आप अब रेस्त्रां या होटल में खाने-पीने को जाते हैं और वहां सर्विस चार्ज मांगा जाता है तो आप उसे मना भी कर सकते हैं. उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने ट्वीट कर साफ किया है कि रेस्त्रां टैक्स के अलावा सर्विस चार्ज वसूल रहे हैं. सर्विस चार्ज जरुरी नही होता. वह केवल उपभोक्ता पर निर्भर है कि वो सर्विस चार्ज देना चाहता है या नहीं..

इस फासले से रेस्टोरेंट मालिक खुश नहीं है: सरकार ने ही सर्विस चार्ज के झंझट को खत्म नहीं कर दिया. क्या गारंटी है कि रेस्टोरेंट वाले सर्विस चार्ज के नाम पर झिकझिक नहीं करेंगे. हांलाकि सरकार का कहना है कि रेस्टोरेंट-होटल को बोर्ड पर ये लिखना होगा कि असंतुष्ट ग्राहक सर्विस चार्ज को बिल से हटवा सकते हैं.यह होटल मालिको को एक अधुरा फैसला नजर आ रहा है,इस फैसले से होटल मालिक खुश नही है!

टैक्स से अलग होता है सर्विस चार्ज:  सभी होटल और रेस्टोरेंट में सर्विस टैक्स और सर्विस चार्ज वसूला जाता है. सर्विस टैक्स वो है जो सर्विस देने पर सरकार टैक्स लगाती है और सर्विस चार्ज वो जो रेस्टोरेंट या होटल लगाता है. सर्विस टैक्स सरकार के खजाने में जाता है और सर्विस चार्ज होटल मालिक की जेब में. सर्विस टैक्स की प्रभावी दर बिल की 6 फीसदी है जबकि सर्विस चार्ज 5 से 20 फीसदी तक लगाया जाता है,यह सरकार की नजर मे गलत मन गया गया है, तबही सरकार इस फासले को ले कर आई है,इससे उपभोक्ताओ को कुछ हद तक राहत मिलेगी

धोखे से टेक्स वसूलने पर होगी कार्रवाई: सरकार ने राज्य सरकारों को सचत किया है कि इस बारे में कंपनी, होटल और रेस्टोरेंट को यह जानकारी दी जाए. और साथ ही बोर्ड लगा कर बताया जाए कि सर्विस चार्ज देना जरुरी नही है, यानी अगर ग्राहक चाहे तो बिल से हटवा सकता है. अगर इसके बाद भी कोई धोखे से सर्विस चार्ज वसूलता है तो उपभोक्ता संरक्षण कानून 1986 के प्रावधानों के तहत इस बारे में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है,और होटल के मालिक को जुर्मना भी हो सकता है!

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