कांग्रेस चली थी बीजेपी को बदनाम करने खुल गयी अपनी ही पोल !!

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अब तो साबित हो चूका है! और एक बात भी साफ़ हो गई है! मोदी सरकार ने जब से सत्ता सम्भाली है! देश में तब से भ्रष्टाचारियों के बुरे दिन शुरू हो गये है! मोदी सरकार ने ऐसे-ऐसे धमाकेदार फैसले लिए है! जोकि देश हित में थे! जिससे देश को तो लाभ हुआ! साथ ही साथ देश के भ्रष्ट लोगो का चेहरा भी धीरे-धीरे सभी के सामने बेनकाब हो गया!ऑनलाइन क्रांति में मोदी सरकार ने आधार कार्ड से बैंक अकाउंट लिंक करवाए! जिससे हर क्षेत्र में हो रही दलाली पर लगाम लगाई! फिर चाहे वो गैस सिलिंडर हो रिश्वतखोरी हो पेंशन बाँटने में दलाली हो!

या फिर स्कॉलरशिप बाँटने में दलाली हो! इन सभी पर मोदी सरकार का ऐसा हंटर चला की इन लोगो का धंधा ही चौपट हो गया! अब तो सरकारी बाबू भी टाइम से ऑफिस आते है! और शाम को पूरा टाइम करके घर जाते है! क्युकी अब उनकी हाजरी रजिस्टर में नही KYC से लगती है! यह बदलाव केवल मोदी सरकार में देखने को मिला है!आज हम आपको एक ऐसा की सनसनीखेज मामला बताने जा रहे है! जोकि उत्तराखंड का है! दरअसल कुछ समय पहले मोदी सरकार ने बैंक खातों को आधार कार्ड से लिंक करवाने का फैसला लिया था!

इसे देखते हुए उत्तराखंड के मदरसों के सभी छात्रों के बैंक खातों को आधार कार्ड से लिंक से करवाया गया! बस फिर क्या था देखते ही देखते उत्तराखंड के मदरसों से 2 लाख 44 हजार छात्र गायब हो गए!दरअसल हुआ यूँ कि कुछ भ्रष्टाचारी लोग मदरसों में फर्जी छात्रों का नाम लिखकर उनके नाम की स्कॉलरशिप अपनी जेब में डाल देते थे! आपको जानकर हैरानी होगी कि इन दो लाख छात्रों को लगभग 14 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप मिलती थी!

लेकिन जैसे ही भाजपा सरकार ने बैंक खाते आधार कार्ड से लिंक करवाए इससे तो न सिर्फ 2.44 लाख छात्र गायब हो गए बल्कि सालाना 14 करोड़ रुपये भी बच गए!आपको बता दें कि अब ऐसा ही ऐलान यूपी की योगी सरकार ने भी किया है! ऐलान होते ही वहां भ्रष्टाचारियों के होश उड़ गये है!

सोचने वाली बात यह है कि जब उत्तराखंड जैसे छोटे राज्यों के मदरसों से 2 लाख फर्जी बच्चे गायब हुए तो अंदाजा लगाइए उत्तरप्रदेश का क्या हाल होगा!गौरतलब है कि मदरसों में फर्जी बच्चो के नाम पर केवल सरकारी पैसा लूटा जा रहा है! अगर इसकी सही ढंग से जाँच की जाये तो हजारो करोड़ो का घोटाला सामने आ सकता है!